चेन्नई को 13,000 करोड़ से ज्यादा की सौगात: PM मोदी ने किया मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन, हाईवे-रेलवे परियोजनाओं की रखी नींव

चेन्नई में एलिवेटेड ट्रैक पर आधुनिक मेट्रो ट्रेन

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के लिए 11 अक्टूबर का दिन बुनियादी ढांचे के लिहाज से खास रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण का प्रमुख खंड, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे सुविधाएं, बंदरगाहों का आधुनिकीकरण और IIT मद्रास का ब्रेन सेंटर शामिल हैं। दौरे से पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर इसे चेन्नई के विकास में एक निर्णायक कदम बताया था।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का पूनमल्ली-वडापलानी खंड रहा। लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस खंड की कुल लंबाई करीब 14.64 किलोमीटर बताई गई है। इसमें 3.7 किलोमीटर लंबा दो-स्तरीय (डबल-डेकर) ढांचा भी शामिल है, जहां मेट्रो और सड़क परिवहन के लिए अलग-अलग स्तर बनाए गए हैं। इस खंड में चालक-रहित ट्रेनों के संचालन के लिए अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली लगाई गई है।

प्रधानमंत्री ने खुद इस मेट्रो सेवा का अनुभव लिया — वे सुबह करीब 11:30 बजे पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनमल्ली बाईपास स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा की और वापस लौटे। इस नई मेट्रो सेवा से चेन्नई के तेजी से विकसित हो रहे पश्चिमी उपनगरों और शहर के केंद्र के बीच आवागमन सुगम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। मेट्रो यात्रा के बाद प्रधानमंत्री ने जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।

सड़क संपर्क के मोर्चे पर करीब 3,700 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-744 के वडुगापट्टी-तेरकुवेंगनल्लूर हिस्से का लगभग 36 किलोमीटर लंबा चार लेन वाला मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग-744ए के मदुरै रिंग रोड खंड का उद्घाटन, और राष्ट्रीय राजमार्ग-83 पर तिरुवरूर बाईपास की आधारशिला रखना शामिल है। इन परियोजनाओं से यातायात जाम घटेगा और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

रेलवे क्षेत्र में भी 750 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा रहीं। इनमें कराईकल-पेरालम रेल लाइन का लोकार्पण और कोयंबटूर तथा आसपास के क्षेत्रों में तीन रेल फ्लाईओवर शामिल हैं। फ्लाईओवर बनने से व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों को लंबे समय तक रुकने की परेशानी कम होगी। इसके साथ ही अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पांच स्टेशनों — पलानी, वेल्लोर कैंटोनमेंट, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नामक्कल — को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है।

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में IIT मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर का उद्घाटन भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहा। मस्तिष्क अनुसंधान पर केंद्रित यह केंद्र देश में न्यूरोसाइंस के क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे अनुसंधान केंद्रों से दिमागी बीमारियों के इलाज और समझ में नई संभावनाएं खुलती हैं।

चेन्नई और तमिलनाडु के आम लोगों के लिए इन परियोजनाओं का मतलब दैनिक जीवन में सीधा फायदा है। पश्चिमी उपनगरों में रहने वाले हजारों लोगों को अब शहर के केंद्र तक पहुंचने के लिए सड़क यातायात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। औद्योगिक क्षेत्रों तक माल की आवाजाही सुगम होने से रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, अलग-अलग परियोजनाओं का लाभ उनके काम पूरा होने के चरण के अनुसार ही मिलेगा — इसलिए यात्रियों को परिचालन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी देखते रहना चाहिए।

कुल मिलाकर यह दौरा तमिलनाडु में केंद्र सरकार की बुनियादी ढांचा प्राथमिकता को दिखाता है। मेट्रो, हाईवे, रेलवे और शोध संस्थान — चारों मोर्चों पर एक साथ निवेश का संदेश है कि शहरों का विकास सिर्फ इमारतों से नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही और सुविधाओं से तय होता है।

मुख्य बातें:
  • 11 अक्टूबर को PM मोदी का चेन्नई दौरा — 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
  • चेन्नई मेट्रो फेज-2 का पूनमल्ली-वडापलानी खंड (4,900 करोड़) का उद्घाटन, PM ने की मेट्रो यात्रा
  • 3,700 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं — NH-744, NH-744A और NH-83 के खंड
  • रेलवे को 750 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं — कराईकल-पेरालम लाइन, 3 फ्लाईओवर, 5 अमृत भारत स्टेशन
  • IIT मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर का उद्घाटन और जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन
  • मेट्रो और हाईवे से चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी राहत

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।