भारत-अमेरिका के बीच 10 साल का रक्षा फ्रेमवर्क, रुबियो का 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरा

भारत और अमेरिका के झंडे, ऊपर लड़ाकू विमान

भारत और अमेरिका के रिश्तों में इस हफ्ते बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। दोनों देशों ने मिलकर 10 साल का नया रक्षा फ्रेमवर्क घोषित किया है, जो आने वाले दशक में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को नई दिशा देगा। इसके साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का 17 से 22 अक्टूबर तक का भारत दौरा भी शुरू हो गया है, जिसमें ऊर्जा सहयोग और निवेश मुख्य एजेंडा रहेगा।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, रुबियो भारत के अलावा समरकंद (उज्बेकिस्तान) भी जाएंगे। भारत में वे मुंबई और जामनगर जाएंगे और 22 अक्टूबर को वापस लौटेंगे। यह उनका इस साल का दूसरा आधिकारिक भारत दौरा होगा। नई दिल्ली में वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं से मिलकर दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।

मुंबई में 20 अक्टूबर को जयशंकर और रुबियो के बीच अहम बैठक होनी है। सूत्रों के अनुसार, व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत जारी रहेगी, हालांकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले किसी बड़े समझौते की संभावना कम बताई जा रही है। विवादास्पद मुद्दों, खासकर टैरिफ को लेकर फैसला देर से हो सकता है।

जामनगर का चयन खासा दिलचस्प है। गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज का विशाल रिफाइनरी परिसर है, और इसे ऊर्जा तथा निवेश संबंधों को गहरा करने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में टेक्सास में नई रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की योजना का स्वागत किया था।

दौरे से ठीक पहले अमेरिका की ओर से बड़ी राहत की खबर भी आई है। ट्रंप ने कहा है कि रूस से तेल और गैस खरीदने पर भारत समेत चार देशों पर कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आयात पर बड़ा दबाव हटने की उम्मीद है।

व्यापार मोर्चे पर भी प्रगति दर्ज हुई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर को कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते का पहला चरण वार्ता स्तर पर अंतिम रूप से तय हो गया है और अब उसका कानूनी मसौदा तैयार हो रहा है। हालांकि इसे लागू करने के लिए भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी टैरिफ व्यवस्था मिलना जरूरी होगा।

फरवरी 2026 के द्विपक्षीय फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाले अधिकतर सामानों पर अपना टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी, और रूसी तेल खरीद के सिलसिले में लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी हटाया गया था। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि समझौते के मुख्य बिंदु सुलझ गए हैं और बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है।

कुल मिलाकर यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा और व्यापार — तीनों मोर्चों पर रिश्तों को अगले स्तर पर ले जाने वाला साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें 20 अक्टूबर की मुंबई बैठक पर टिकी हैं।

मुख्य बातें:
  • भारत और अमेरिका के बीच 10 साल का नया रक्षा फ्रेमवर्क घोषित
  • अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरा
  • मुंबई में जयशंकर से मुलाकात, जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी पर ऊर्जा चर्चा
  • ट्रेड डील का पहला चरण कानूनी मसौदे के अंतिम चरण में
  • रूस से तेल खरीदने पर भारत को टैरिफ छूट की राहत
  • ट्रंप ने टेक्सास में रिलायंस की रिफाइनरी योजना का स्वागत किया

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।