रबी बुआई के बीच किसानों के लिए राहत: सरसों-चने के भाव MSP से 17-21% ऊपर, जानें गेहूं का हाल

रबी फसलों की बुआई का सीजन शुरू हो गया है और किसानों के लिए बाजार से अच्छी खबर आ रही है। सरसों और चने के मंडी भाव फिलहाल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से 17 से 21 फीसदी ऊपर चल रहे हैं, यानी किसान अगर अपनी उपज खुले बाजार में बेचते हैं तो उन्हें सरकार के घोषित भाव से कहीं ज्यादा दाम मिल रहा है।
सरकार ने विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं का नया MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सत्र के 2,585 रुपये से 25 रुपये ज्यादा है। यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। सरकार के अनुसार गेहूं की अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल है, जिस पर नया MSP करीब 106 फीसदी का मार्जिन देता है।
गेहूं के MSP में मामूली बढ़ोतरी पर किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि महज 25 रुपये की बढ़ोतरी किसानों के साथ नाइंसाफी है। सरकार का तर्क है कि उसके पास अनाज का भारी स्टॉक है — भारतीय खाद्य निगम के केंद्रीय पूल में 1 अक्टूबर को 46.76 मिलियन टन गेहूं मौजूद था, जबकि बफर और रणनीतिक भंडार का मानक केवल 20.52 मिलियन टन है। इसी कारण सरकार तिलहन और दलहन के उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है।
थोक बाजार में गेहूं का हाल भी सुर्खियों में है। राजस्थान के कोटा में फिलहाल गेहूं का बाजार भाव 2,550 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। खबर है कि सरकार जल्द ही भारतीय खाद्य निगम के अतिरिक्त स्टॉक से थोक खरीदारों के लिए खुले बाजार बिक्री योजना (OMSS) शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत उचित और औसत गुणवत्ता वाले गेहूं का आरक्षित मूल्य 2,600 रुपये प्रति क्विंटल और URS वाले गेहूं का 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
सरसों और चने के किसानों के लिए यह सीजन खासतौर पर फायदेमंद दिख रहा है। रबी सीजन 2026-27 के लिए सरसों का MSP 6,200 रुपये और चने का 5,875 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि जौ का MSP 2,150 रुपये प्रति क्विंटल है। मंडी में सरसों-चना के भाव इन घोषित मूल्यों से 17 से 21 फीसदी ऊपर बने हुए हैं, जो किसानों के लिए सीधी राहत की खबर है।
रबी फसलों की बुआई आमतौर पर अक्टूबर और नवंबर के दौरान होती है और फसल के पकने के हिसाब से फरवरी से कटाई शुरू हो जाती है। जानकारों का कहना है कि बुआई के समय मंडी भावों की यही स्थिति बने रहने से किसानों को अपनी फसल की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
सीधे हिसाब से समझें तो MSP पर बेचने पर 10 क्विंटल गेहूं से किसान को पिछले साल की तुलना में 250 रुपये ज्यादा मिलेंगे — 50 क्विंटल पर 1,250 और 100 क्विंटल पर 2,500 रुपये का अंतर बनेगा। हालांकि सरसों और चना के मौजूदा मंडी भाव देखते हुए इन फसलों से कमाई गेहूं से बेहतर दिख रही है।
जानकारों की सलाह है कि किसान मंडी भावों पर लगातार नजर रखें, पंजीकृत खरीद केंद्रों और मंडी समितियों से आधिकारिक जानकारी लेते रहें और अनाज की गुणवत्ता का खास ध्यान रखें, क्योंकि अच्छी गुणवत्ता पर ही बेहतर भाव मिलता है। मौसम और बाजार की ताजा जानकारी के आधार पर बिक्री का सही समय चुनना इस सीजन में फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
- सरसों और चने के मंडी भाव MSP से 17-21 फीसदी ऊपर — किसानों के लिए राहत की खबर
- गेहूं का नया MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल (2027-28), 25 रुपये की बढ़ोतरी
- FCI के पास 46.76 मिलियन टन गेहूं का भारी स्टॉक, सरकार OMSS बिक्री की तैयारी में
- कोटा में गेहूं का थोक भाव 2,550-2,800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच
- चना MSP 5,875 और सरसों 6,200 रुपये प्रति क्विंटल — दोनों ही मंडी में ऊपर
- रबी बुआई अक्टूबर-नवंबर में, कटाई फरवरी से; बिक्री का सही समय चुनें
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

