धान की सरकारी खरीद शुरू: ₹2,441 MSP, UP में 12 अक्टूबर से क्रय केंद्र, जानें आपके जिले में कब से बिकेगा धान

अक्टूबर किसानों के लिए साल का सबसे अहम महीना है। खेतों में धान की फसल पककर तैयार है और कई इलाकों में कटाई शुरू हो चुकी है। हर किसान के मन में एक ही सवाल है — इस बार धान का भाव क्या मिलेगा और सरकारी खरीद कब से शुरू होगी। अच्छी खबर यह है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और मंडियों में धान पहुंचना शुरू हो गया है।
सबसे पहले भाव की बात। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर दिया है। सामान्य धान का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। यह फैसला प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने लिया था, जिसमें 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य तय किए गए।
सरकार ने इस सीजन का खरीद लक्ष्य भी तय कर दिया है। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के मुताबिक खरीफ विपणन सत्र 2026-27 में 708.64 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य है, और यह सत्र 1 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। यह लक्ष्य पिछले तीनों सालों की वास्तविक खरीद से थोड़ा कम है — एक वजह धान के रकबे में कमी है, जो इस बार 414.10 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल 428.46 लाख हेक्टेयर था।
उत्तर प्रदेश में खरीद दो चरणों में होगी। मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी संभाग में 12 अक्टूबर से 15 फरवरी तक खरीद चलेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज संभाग में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक खरीद होगी। प्रदेश का लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन है, जबकि पिछले सीजन में 62 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी।
प्रदेश भर में 4,500 क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं और आठ एजेंसियों को खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार धान की खरीद किसान की फार्मर आईडी के आधार पर ही होगी, ताकि फर्जीवाड़े और बिचौलियों पर रोक लगे। मुख्यमंत्री ने 48 घंटों में भुगतान का निर्देश दिया है। 9 अक्टूबर तक करीब 14 हजार किसान पंजीकरण करा चुके थे। बारदाने के लिए 80 हजार बोरों का इंतजाम है और एक लाख अतिरिक्त बोरे मंगाए जा रहे हैं।
हरियाणा में खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है — करनाल की मंडी में पहली ढेरी 2,461 रुपये MSP पर बिकी। 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समीक्षा बैठक में मंडियों से तुरंत उठान के निर्देश दिए। बताया गया कि अब तक करीब 5 लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि धान अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी लाएं, ताकि नमी से खरीद में अड़चन न आए।
मंडी भाव की बात करें तो धान का औसत थोक भाव करीब 4,000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जो MSP से काफी ऊपर है — यानी खुले बाजार में किसानों को अच्छी कीमत मिल रही है। MSP एक सुरक्षा कवच है: अगर बाजार भाव गिरे तो सरकार तय भाव पर खरीदने के लिए बाध्य है। किसानों को सलाह है कि MSP से नीचे भाव पर धान कभी न बेचें।
आने वाले दिनों में खरीद और तेज होगी। किसान समय पर अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, धान को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी ले जाएं और अपने नजदीकी क्रय केंद्र की जानकारी पहले से ले लें। किसी भी परेशानी पर मंडी में तैनात अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। धान इस सीजन की सबसे बड़ी फसल है और सही भाव मिलना हर किसान का हक है — सरकारी खरीद इसी हक की गारंटी है।
- धान का MSP तय: सामान्य धान ₹2,441 और ग्रेड-ए ₹2,461 प्रति क्विंटल, ₹72 की बढ़ोतरी
- UP में दो चरणों में खरीद — 12 अक्टूबर से पश्चिमी जिलों में, 1 नवंबर से पूर्वी जिलों में
- केंद्र का लक्ष्य: 708.64 लाख टन धान खरीद, सत्र 1 अक्टूबर से शुरू
- हरियाणा में खरीद शुरू — करनाल में पहली ढेरी ₹2,461 MSP पर बिकी, 5 लाख क्विंटल खरीदा गया
- मंडी में औसत भाव करीब ₹4,000 प्रति क्विंटल — MSP से ऊपर, किसानों को फायदा
- फार्मर आईडी अनिवार्य, 48 घंटों में बैंक खाते में भुगतान का निर्देश
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