17 राज्यों में वोटर लिस्ट होगी अपडेट: चुनाव आयोग का SSR का ऐलान, 12 नवंबर को ड्राफ्ट लिस्ट, जानिए पूरा शेड्यूल

भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नए नाम जोड़े जाएंगे, दर्ज जानकारी की गलतियों को सुधारा जाएगा और 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा।
आयोग ने इस पुनरीक्षण का पूरा कार्यक्रम भी तय कर दिया है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 12 नवंबर 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
SSR की प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, असम, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। इनमें से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा जैसे राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यहां सूची का समय पर पुनरीक्षण चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
चुनाव आयोग का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद और विरोध जारी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में SIR चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
SSR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना है। इसके तहत नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, नाम और पते जैसी जानकारियों में सुधार किया जाएगा और अपात्र या गलत प्रविष्टियों से जुड़े दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निपटारा किया जाएगा। पात्रता तिथि 1 जनवरी 2027 तय की गई है, यानी इस तिथि तक 18 वर्ष पूरे कर चुके सभी युवा नामांकन करा सकेंगे।
यह पुनरीक्षण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जाएगा, जिससे मतदाता सूची को कानूनी मान्यता मिलेगी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है, इसलिए यहां आयोग विशेष ध्यान दे रहा है।
मतदाताओं के लिए यह जरूरी होगा कि वे ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद उसमें अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांच लें। अगर कोई गलती हो या नाम छूटा हो, तो 12 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। समय पर सुधार न कराने पर चुनाव के दिन परेशानी हो सकती है।
आयोग का कहना है कि इस अभियान से मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी और हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल होगा। जिन युवाओं की उम्र 1 जनवरी 2027 तक 18 साल हो रही है, उन्हें यह सुनहरा मौका नहीं गंवाना चाहिए।
- 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिवीजन।
- 12 नवंबर 2026 को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 4 जनवरी 2027 को अंतिम सूची।
- पात्रता तिथि 1 जनवरी 2027 — 18 साल पूरे करने वाले युवा जुड़वा सकेंगे नाम।
- UP, बिहार, राजस्थान, एमपी समेत 2027 में चुनाव वाले राज्यों पर खास ध्यान।
- दावे और आपत्तियां 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी।
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

