आज दिल्ली में INDIA गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ज्ञापन की तैयारी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज यानी सोमवार को बड़ा राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन और मार्च की योजना बनाई है। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं — जिनमें तृणमूल कांग्रेस और सीपीएम जैसे दलों के नेता शामिल हैं — से राजधानी में मौजूद रहने को कहा गया है ताकि वे प्रदर्शन में हिस्सा ले सकें।
योजना के मुताबिक, विपक्षी नेता मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी कोलकाता वापसी रद्द कर दी है और वो टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के साथ इस प्रदर्शन में शामिल होंगी। गठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी लड़ाई अब सड़क से लेकर अदालत तक, कई मोर्चों पर लड़ी जाएगी।
इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि पिछले एक हफ्ते की घटनाओं से जुड़ी है। 9 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल — जिसमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला था। नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बात सुनी और सबूत पेश करने को कहा, जिस पर विपक्ष सहमत हुआ। नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह कागज़ी मतपत्रों पर वापसी की मांग भी रखी।
इसके अगले ही दिन, 10 अक्टूबर को दिल्ली में तनाव बढ़ गया। दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को हिरासत में ले लिया, जब वे जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अशांति रोकने के लिए ये एहतियाती कार्रवाई की गई। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का दावा है कि उस दिन करीब 2,500 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कार्यकर्ता, समर्थक और राहगीर भी शामिल थे।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं का बचाव करता रहा है और इन आरोपों को विवादित बताता है — यानी दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
इससे पहले 6 अक्टूबर को भी INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था, जिसे पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पर रोक दिया था। उस समय चुनाव आयोग ने कहा था कि शाम 4 बजे तक किसी भी दल ने मिलने का समय नहीं मांगा था, जबकि विपक्ष का कहना था कि वे ज्ञापन सौंपना चाहते थे। महाराष्ट्र में भी शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन किया था।
आज के प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिस ने कई इलाकों में बैरिकेडिंग की है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है। अगर आप आज मध्य दिल्ली — खासकर कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास — जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यातायात की स्थिति ज़रूर देख लें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें।
आगे क्या होगा, इस पर सबकी नज़र है। विपक्ष का कहना है कि वो सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात रखेगा, जबकि सरकार और चुनाव आयोग का रुख अब तक सख्त रहा है। ये मामला सिर्फ एक प्रदर्शन का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में भरोसे का है — और इसका असर आने वाले महीनों की राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
- INDIA गठबंधन के नेता आज दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे
- विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं
- ममता बनर्जी ने कोलकाता वापसी रद्द की — अभिषेक बनर्जी के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगी
- 9 अक्टूबर को गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर 'वोट चोरी' का ज्ञापन सौंप चुका है
- 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी और टीएमसी सांसदों समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था
- मध्य दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था — यातायात पर असर पड़ने की आशंका
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

