पेट्रोल 5 रुपये, डीज़ल 3 रुपये महंगा: Jio-bp ने बढ़ाए दाम, पंजाब में पेट्रोल 108 के पार

नई दिल्ली: देश के आम लोगों की जेब पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित फ्यूल रिटेलर Jio-bp ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये और डीज़ल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। ये नई कीमतें रविवार 11 अक्टूबर से लागू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस साल Jio-bp की ओर से की गई ये पहली कीमत बढ़ोतरी है।
कीमत बढ़ने के बाद पंजाब में Jio-bp के पंपों पर पेट्रोल करीब 108.54 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल करीब 99.19 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं हरियाणा में पेट्रोल की कीमत करीब 109.80 रुपये और डीज़ल 97.75 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। फ्यूल डीलरों का कहना है कि दोनों ईंधनों पर एक साथ इतनी बड़ी बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं, खासकर ट्रक-टैक्सी ऑपरेटरों और किसानों पर सीधा असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि पिछले दस दिनों में कीमत बढ़ाने वाला Jio-bp देश का दूसरा फ्यूल रिटेलर है। इससे पहले 3 अक्टूबर को रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल-डीज़ल के दाम में इतनी ही बढ़ोतरी की थी। यानी प्राइवेट कंपनियों के पंपों पर दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर अभी पुरानी कीमतें ही लागू हैं।
कीमत बढ़ोतरी की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और हरमुज जलडमरूमध्य से जुड़ी बाधाएं मानी जा रही हैं। इस जलमार्ग से दुनिया का बड़ा तेल व्यापार होता है, और इसके बंद होने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम उछल गए हैं। ब्रेंट क्रूड हाल में करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जो महीनों का ऊंचा स्तर है। टैंकरों पर हमलों की खबरों से भाड़े की लागत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
एक और अहम बात ये है कि Jio-bp ने सितंबर में ही डीज़ल की बिक्री पर एक लेन-देन में 50 लीटर की सीमा लगा दी थी। पंजाब के एक फ्यूल डीलर के मुताबिक, कीमत बढ़ने के बाद ये सीमा बेमानी हो सकती है, क्योंकि ग्राहक अब सरकारी कंपनियों या दूसरी कंपनियों के पंपों की ओर रुख करेंगे। डीलरों का कहना है कि महंगे दामों की वजह से प्राइवेट पंपों पर बिक्री घटने का खतरा है।
दूसरी ओर, देश के करीब 90 प्रतिशत पंप चलाने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने अभी खुदरा दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन उन्होंने भी पाबंदी के कई कदम उठाए हैं। इनमें पंपों से एडवांस पेमेंट लेना, डीज़ल बिक्री पर 200 लीटर की सीमा, घरेलू गैस की बुकिंग में लंबा इंतज़ार और उद्योगों के लिए एलपीजी व प्राकृतिक गैस की कटौती शामिल है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने 1 अक्टूबर को कहा था कि सरकार प्राइवेट रिफाइनरों के साथ डीज़ल बिक्री पर लगी पाबंदियों का मुद्दा उठाएगी और उन्हें वापस लेने को कहेगी।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी कुछ हलचल हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि रूस उन्हें तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीज़ल देगा, इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन की खेप आएगी। इसके अलावा रविवार को रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले न करने के 'एनर्जी सीजफायर' की घोषणा भी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये समझौते टिके तो कच्चे तेल के दामों में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन के लिए तैयार रहना होगा।
आम आदमी के लिए इसका मतलब साफ है — मालभाड़ा बढ़ेगा तो सब्जी, दूध और रोजमर्रा की चीज़ों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। त्योहारी सीजन में घर जाने वालों के लिए सफर महंगा होगा। अगर आप प्राइवेट कंपनी के पंप पर ईंधन भरवाते हैं, तो सरकारी कंपनी के पंप की कीमत ज़रूर देख लें — फिलहाल वहां दाम कम हैं।
- रिलायंस समर्थित Jio-bp ने पेट्रोल में 5 रुपये और डीज़ल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की
- नई कीमतें रविवार 11 अक्टूबर से लागू — पंजाब में पेट्रोल करीब 108.54 रुपये/लीटर
- पिछले 10 दिनों में कीमत बढ़ाने वाला दूसरा प्राइवेट फ्यूल रिटेलर — नायरा एनर्जी ने 3 अक्टूबर को बढ़ाए थे दाम
- हरमुज जलडमरूमध्य बंद होने और कच्चे तेल के दाम बढ़ने को बताया जा रहा है वजह
- सरकारी तेल कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाए, लेकिन डीज़ल पर 200 लीटर की कैप और एडवांस पेमेंट जैसे पाबंदी के कदम उठाए
- सितंबर में Jio-bp ने डीज़ल बिक्री पर 50 लीटर की सीमा लगाई थी — अब ग्राहक दूसरी कंपनियों की ओर जा सकते हैं
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

