कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़: 19 की मौत, 7 आयोजक गिरफ्तार

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर बारिश में एम्बुलेंस और पुलिस बैरिकेड

कोलकाता में दुर्गा पूजा के जश्न के बीच शनिवार की शाम एक भयानक हादसा हुआ। शहर के उत्तर कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के पास भगदड़ मचने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और करीब 25 लोग घायल हुए। हादसा शाम करीब साढ़े सात बजे हुआ, जब सप्तमी के दिन पंडाल में दर्शकों की भारी भीड़ जुटी थी।

हावड़ा ब्रिज के पास स्थित चोरबागान पंडाल शहर के सबसे पुराने पूजा स्थलों में गिना जाता है। हादसे के समय अचानक तेज बारिश शुरू हुई, सड़कें फिसलन भरी हो गईं और बचने के लिए सैकड़ों लोग संकरी गली से पंडाल की ओर दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोग फिसलकर एक-दूसरे पर गिरते गए, जिससे देखते ही देखते भगदड़ मच गई।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं; मुख्यमंत्री ने बताया कि मृतकों में एक सात साल की बच्ची भी शामिल है। कई घायलों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है, जहां कुछ की हालत गंभीर है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों के लिए राहत की घोषणा की: मृतकों के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जबकि घायलों को पांच लाख रुपये और इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को तथ्य खोज समिति के लिए पत्र लिखने की बात भी कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री ने रविवार को अपोलो अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना; शाह का पंडालों का दौरा रद्द कर दिया गया।

हादसे के बाद पुलिस ने पूजा समिति के आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक समिति के महासचिव, उपाध्यक्ष, बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े व्यक्ति और भीड़ प्रबंधन व वीआईपी पास जांच से जुड़े लोगों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने पंडाल के आसपास के इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक हुई। उनका कहना है कि गलियां संकरी थीं, रोशनी पर्याप्त नहीं थी और इतनी भीड़ के बावजूद प्रवेश-निकास की सही व्यवस्था नहीं की गई थी। राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर पश्चिम बंगाल के सभी पंडालों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपायों की समीक्षा की है।

सावधानी के तौर पर अन्य बड़े पंडालों को प्रवेश अस्थायी रूप से रोकने की सलाह दी गई है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज देख रही हैं ताकि पता चल सके कि भगदड़ से पहले किसी घोषणा या अफवाह ने दहशत फैलाने का काम तो नहीं किया। पुलिस ने साफ किया कि पूछताछ के लिए हिरासत में लेना किसी को दोषी ठहराना नहीं है।

यह हादसा बड़ी भीड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा की पुरानी बहस को फिर जीवंत कर गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन, आपात निकास और मौसम चेतावनी की पुख्ता व्यवस्था ही ऐसे हादसों को रोक सकती है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है।

मुख्य बातें:
  • शनिवार शाम साढ़े सात बजे चोरबागान पंडाल के पास बारिश में भगदड़ — 19 की मौत, 25 घायल।
  • मुख्यमंत्री का ऐलान: मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी; घायलों को 5 लाख।
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता।
  • पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोग गिरफ्तार; कई अन्य हिरासत में, एसआईटी जांच जारी।
  • हादसे की वजह: संकरी गली, बारिश से फिसलन और अचानक भीड़ का एक ओर दौड़ पड़ना।
  • एहतियातन शहर के अन्य बड़े पंडालों को प्रवेश अस्थायी रूप से रोकने की सलाह; पीड़ितों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन।

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।