पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम: दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12, जानें आपके शहर में आज क्या भाव

भारत के एक पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते वाहन

देश में पेट्रोल और डीजल के दाम हर रोज सुबह 6 बजे संशोधित होते हैं। सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार और अन्य कारकों के आधार पर नए भाव तय करती हैं। 15 अक्टूबर 2026 को जारी ताजा भावों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर बिक रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों की बात करें तो नोएडा में पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर है, जबकि गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97 और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.86 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर है। चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹101.54 और डीजल महज ₹89.47 प्रति लीटर है, जो इस सूची में सबसे सस्ता डीजल है।

महानगरों में मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल ₹113.51 और डीजल ₹99.82, चेन्नई में पेट्रोल ₹107.76 और डीजल ₹99.55, बेंगलुरु में पेट्रोल ₹111.68 और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर है। दक्षिण में हैदराबाद में पेट्रोल ₹116.15 और डीजल ₹104.23, विजयवाड़ा में पेट्रोल ₹117.78 और डीजल ₹105.36, विशाखापत्तनम में पेट्रोल ₹116.39 और डीजल ₹104.24 प्रति लीटर है। जयपुर में पेट्रोल ₹113.19, पटना में ₹113.37 और भुवनेश्वर में ₹108.97 प्रति लीटर दर्ज किया गया।

अब सवाल उठता है कि एक ही देश में ईंधन के दाम शहर-शहर इतने अलग क्यों होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट और स्थानीय कर हैं। हर राज्य अपने हिसाब से ईंधन पर कर लगाता है, इसलिए जहां कर ज्यादा, वहां दाम ज्यादा। इसके अलावा डीलर कमीशन, परिवहन लागत और वितरण खर्च भी दामों में फर्क डालते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत भी ईंधन के दामों को प्रभावित करती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल महंगा होता है या रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। हालांकि खुदरा दाम कई बार कई दिनों तक स्थिर भी रहते हैं, क्योंकि कंपनियां रोजाना समीक्षा के बाद ही बदलाव करती हैं।

आम आदमी के लिए ईंधन के दाम सीधे जेब से जुड़े हैं। दोपहिया या कार से रोजाना सफर करने वालों के लिए प्रति लीटर का छोटा-सा फर्क भी महीने के बजट में बड़ा असर डालता है। माल ढुलाई पर भी ईंधन की कीमत का सीधा असर पड़ता है, जिससे सब्जी, दूध और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी प्रभावित होते हैं। यही वजह है कि ईंधन महंगाई की पूरी श्रृंखला की शुरुआत माना जाता है।

त्योहारी सीजन को देखते हुए यह जानकारी और अहम हो जाती है। दिवाली 8 नवंबर को है और इस दौरान लोग अपने गृहनगर जाते हैं, खरीदारी के लिए बाजारों के चक्कर लगाते हैं। सितंबर में खुदरा महंगाई पहले ही 5.54 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, ऐसे में ईंधन पर होने वाला खर्च बजट बिगाड़ सकता है। लंबी यात्रा से पहले अपने शहर का ताजा भाव जांच लेना समझदारी होगी।

तेल कंपनियों की सलाह है कि उपभोक्ता ईंधन भरवाने से पहले पंप पर प्रदर्शित ताजा भाव जरूर देख लें और रसीद लेना न भूलें। दामों में रोजाना होने वाले छोटे बदलावों पर नजर रखने के लिए कंपनियों के मोबाइल ऐप और वेबसाइट भी उपलब्ध हैं। ईंधन की बचत के लिए नियमित सर्विसिंग, सही टायर प्रेशर और अनावश्यक तेज रफ्तार से बचना भी काम आता है।

मुख्य बातें:
  • 15 अक्टूबर: दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर
  • मुंबई में पेट्रोल ₹111.21; हैदराबाद में ₹116.15 — सूची में सबसे महंगा
  • चंडीगढ़ में डीजल ₹89.47 प्रति लीटर — सूची में सबसे सस्ता
  • ईंधन के दाम हर सुबह 6 बजे तेल कंपनियां तय करती हैं; राज्यों के कर से फर्क पड़ता है
  • त्योहारी सीजन में यात्रा से पहले अपने शहर का भाव जरूर जांच लें

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।