फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही Air India फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट से हड़कंप, जयपुर में कराई गई आपात लैंडिंग

बुधवार सुबह एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट ने बड़ा सुरक्षा घेरा खड़ा कर दिया। फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रही फ्लाइट AI-2030 को आपात स्थिति में जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा। विमान के बोइंग 787-9 होने और इसमें सवार करीब 306 यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पूरी सुरक्षा मशीनरी सक्रिय हो गई।
फ्लाइट ने 13 अक्टूबर की रात 9 बजकर 45 मिनट पर फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी और दिल्ली में 14 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर उतरने का कार्यक्रम था। लेकिन विमान के मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन क्षेत्र में पहुंचते ही पायलट ने ट्रांसपोंडर कोड 7500 कुछ सेकंड के लिए भेजा। अंतरराष्ट्रीय विमानन में यह कोड अवैध हस्तक्षेप या हाईजैक की स्थिति का संकेत होता है।
अहमदाबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह आपात संकेत मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू हुई और विमान को दिल्ली जाने के बजाय जयपुर डायवर्ट करने का निर्देश दिया गया। फ्लाइट सुबह करीब 9 बजकर 35 से 9 बजकर 45 मिनट के बीच जयपुर में सुरक्षित उतरी। उतरते ही विमान को हवाई अड्डे के एक अलगाव बे में ले जाया गया और मानक सुरक्षा प्रक्रिया लागू की गई।
जमीन पर एटीएस, सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और हवाई अड्डा सुरक्षा एजेंसियों की टीमें पहले से तैनात थीं। दोनों पायलटों और सभी यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से विमान से उतारा गया और सभी यात्रियों व उनके सामान की विस्तृत शारीरिक जांच और सुरक्षा प्रोफाइलिंग की गई। दिल्ली में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया था।
करीब ढाई घंटे चली गहन जांच में विमान में कोई संदिग्ध वस्तु, हथियार या किसी वास्तविक खतरे का सबूत नहीं मिला। जांच के बाद विमान को दिल्ली जाने की मंजूरी दे दी गई और यात्रियों को फिर से विमान में बैठाया गया। जयपुर हवाई अड्डा प्रबंधन के मुताबिक, सभी यात्री सुरक्षित हैं और टर्मिनल भवन में किसी तरह की घबराहट की स्थिति नहीं थी।
इस अलर्ट के पीछे का कारण अब भी पूरी तरह साफ नहीं है। शुरुआती जांच में एक आशंका यह जताई गई कि पायलट ने गलती से हाईजैक अलर्ट बटन दबा दिया होगा, जबकि तकनीकी खराबी की संभावना भी खंगाली जा रही है। पूछताछ के दौरान पायलट ने गलती से बटन दबाने से इनकार किया है। असली वजह जानने के लिए जांच जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार है।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि 7500 कोड सुनते ही सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम को हल्के में नहीं ले सकतीं, इसलिए डायवर्जन और पूरी जांच अनिवार्य होती है। यह घटना दिखाती है कि गलत अलर्ट पर भी सुरक्षा प्रणाली कितनी तेजी से सक्रिय होती है। एयर इंडिया की ओर से भी इस घटना पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए यह सुबह का सफर तनावपूर्ण रहा, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से सभी की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। जयपुर हवाई अड्डे के प्रमुख के मुताबिक, विमान में सवार 306 यात्रियों में से कोई भी घायल या बीमार नहीं हुआ और दिल्ली के लिए रवाना होने की योजना पर काम जारी था।
- फ्रैंकफर्ट से दिल्ली की फ्लाइट AI-2030 बुधवार सुबह जयपुर में आपात लैंडिंग के लिए डायवर्ट हुई
- पायलट ने मुंबई क्षेत्र में ट्रांसपोंडर कोड 7500 कुछ सेकंड के लिए भेजा, यह हाईजैक का अंतरराष्ट्रीय संकेत है
- सुबह 9:35 से 9:45 के बीच लैंडिंग, विमान को अलगाव बे में ले जाकर ढाई घंटे गहन सुरक्षा जांच हुई
- करीब 306 यात्री सवार थे, किसी भी संदिग्ध वस्तु या वास्तविक खतरे का सबूत नहीं मिला
- ATS, CISF, स्थानीय पुलिस ने जांच की, दिल्ली में NSG को स्टैंडबाय पर रखा गया था
- गलती से बटन दबने या तकनीकी खराबी की आशंका, पायलट ने गलती से इनकार किया, जांच जारी
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

