महाराष्ट्र में सूखा 305 तालुकों तक फैला, दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे 5,000 रुपये

सूखे से सूखी दरारों वाली फसल की खेत में खड़ा किसान

महाराष्ट्र के किसानों के लिए बुधवार को बड़ी राहत की खबर आई। राज्य सरकार ने 40 और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है, जिसके बाद सूखे की चपेट में आए तालुकों की कुल संख्या 305 हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह घोषणा की। महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं, यानी राज्य का बड़ा हिस्सा अब आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त है।

पिछले महीने बारिश की कमी को देखते हुए सरकार ने पहले 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। अब इस सूची में 40 नए तालुके जुड़ने के बाद वहां के किसानों को भी सरकार की ओर से घोषित सभी राहत उपायों का लाभ मिलेगा। सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए सरकार ने पहले ही फसल लोन के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और बिजली बिलों में रियायत जैसे उपाय घोषित किए थे।

सबसे बड़ी घोषणा किसानों को मिलने वाली नकद सहायता की है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र सरकार से दिवाली से पहले सहायता मिलने की उम्मीद नहीं है, इसलिए राज्य सरकार अपने स्तर पर यह अग्रिम राशि दे रही है।

सरकार ने इस बार सूखा घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी दिखाई है। आमतौर पर महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की प्रक्रिया नवंबर के आखिरी हफ्तों में पूरी होती है, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए अक्टूबर में ही सरकारी आदेश जारी कर दिया गया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि सूखा राहत की पूरी राशि आम तौर पर दिसंबर में मिलती है, लेकिन इस बार प्रक्रिया पहले शुरू कर दी गई ताकि संकट में फंसे किसानों तक मदद जल्द पहुंचे।

सूखे की स्थिति सबसे ज्यादा मराठवाड़ा और विदर्भ के इलाकों में गंभीर है। खबरों के मुताबिक, मराठवाड़ा के कई हिस्सों में भूजल स्तर तीन मीटर से भी नीचे चला गया है। पीने के पानी की किल्लत बढ़ रही है और प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने वाले टैंकरों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है। सरकार का कहना है कि टैंकरों की आवाजाही पर जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए नजर रखी जा रही है ताकि पानी सही इलाकों तक पहुंचे।

इसके साथ ही सरकार ने बताया कि प्रभावित तालुकों में किसानों को करीब 12 तरह की रियायतें और सुविधाएं दी जा रही हैं। किसानों के बैंक खातों में कर्ज माफी की राशि भी चरणबद्ध तरीके से जमा की जा रही है ताकि वे कर्ज के बोझ से राहत पा सकें। दिवाली के नजदीक होने के कारण किसानों के लिए यह सहायता त्योहारी जरूरतों को पूरा करने में भी काम आएगी।

विपक्ष ने हालांकि राहत की रफ्तार पर सवाल उठाए हैं और पूरी सहायता की तारीख साफ करने की मांग की है। सरकार का दावा है कि हर पात्र किसान तक दिवाली से पहले सहायता पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। सूखे की इस विस्तारित घोषणा के बाद अब फसल नुकसान के आकलन और सहायता वितरण की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।

किसान संगठनों का कहना है कि 5,000 रुपये की अग्रिम राशि राहत तो है, लेकिन सूखे से हुए फसल नुकसान की तुलना में यह नाकाफी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता कब आती है और राज्य सरकार पूरी राहत राशि का वितरण कब तक पूरा करती है। दिवाली से पहले की यह घोषणा सूखाग्रस्त इलाकों के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है।

मुख्य बातें:
  • महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या 265 से बढ़कर 305 हुई, कुल 358 तालुकों वाला राज्य है
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट बैठक के बाद 14 अक्टूबर को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता का ऐलान किया
  • दिवाली से पहले यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, केंद्र से दिवाली से पहले मदद की उम्मीद नहीं
  • आमतौर पर नवंबर अंत में घोषित होता था सूखा, इस बार अक्टूबर में ही आदेश जारी किया गया
  • मराठवाड़ा में भूजल स्तर 3 मीटर से नीचे, पेयजल टैंकरों की संख्या बढ़ाई गई, जीपीएस ट्रैकिंग से निगरानी
  • 12 तरह की रियायतें जारी, फसल लोन पुनर्गठन, भूमि राजस्व छूट और बिजली बिल में रियायत भी लागू

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।