लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी, सवा करोड़ महिलाओं के खाते में 1,500-1,500 रुपये

ग्राम कार्यक्रम में खुशी मनाती ग्रामीण महिलाएं

मध्य प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के लिए 14 अक्टूबर का दिन अच्छी खबर लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में योजना की 41वीं किस्त एक क्लिक में जारी की। इसके साथ ही करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये ट्रांसफर होने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

इस बार की किस्त के साथ एक और राहत की खबर भी जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी उपभोक्ताओं और गैर-उज्ज्वला श्रेणी की पंजीकृत लाड़ली बहनों को 450 रुपये की गैस रिफिल अनुदान राशि भी एक क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इससे दिवाली से पहले रसोई गैस सिलेंडर भरवाने वाली महिलाओं को सीधी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी और तब से हर महीने पात्र महिलाओं के खातों में नियमित आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। सितंबर तक योजना की 40 किस्तों का भुगतान पूरा हो चुका था।

फिलहाल लाभार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट रखा है, जो योजना के पैमाने को दर्शाता है। यह योजना राज्य की सबसे बड़ी महिला कल्याण योजनाओं में से एक बन चुकी है।

जो महिलाएं जानना चाहती हैं कि उनके खाते में पैसा आया या नहीं, उन्हें बैंक जाने की जरूरत नहीं है। लाड़ली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी से भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है।

किस्त जारी करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने उमरिया जिले को 144 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के विकास कार्यों की सौगात भी दी। इनमें ग्रामीण बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण, स्वास्थ्य केंद्र और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण से जुड़े कामों के लोकार्पण और भूमि-पूजन शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों के साथ संवाद भी किया।

गौरतलब है कि पिछले महीने योजना की किस्त 13 तारीख को जारी हो गई थी, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के कारण कार्यक्रम में थोड़ी देरी हुई। बावजूद इसके, अक्टूबर के मध्य में ही किस्त जारी हो जाने से लाभार्थी महिलाओं को त्योहारी सीजन में मदद मिलेगी।

योजना की सफलता इस बात में है कि पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाता है, बिचौलियों की कोई गुंजाइश नहीं रहती। आर्थिक मदद के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और परिवार में उनकी भूमिका मजबूत होने के उद्देश्य से यह योजना आने वाले समय में भी सरकार की प्राथमिकता में बनी रहने वाली है।

मुख्य बातें:
  • 41वीं किस्त 14 अक्टूबर को उमरिया के गुरुवाही गांव से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक क्लिक में जारी की
  • करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये ट्रांसफर होंगे
  • उज्ज्वला और गैर-उज्ज्वला लाभार्थियों को LPG गैस रिफिल पर 450 रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी
  • योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई, वित्त वर्ष 2026-27 में 23,882 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
  • पेमेंट स्टेटस ऑनलाइन पोर्टल पर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' से घर बैठे चेक किया जा सकता है
  • किस्त के साथ उमरिया को 144 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी मिली

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।