दिल्ली के 5 लाख स्कूली बच्चों को 70.69 करोड़ — वर्दी-बैग के लिए सीधे बैंक खातों में रकम

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों और उनके माता-पिता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार, 14 अक्टूबर, 2026 को नगर निगम (MCD) के स्कूलों में पढ़ने वाले 5 लाख से ज्यादा बच्चों के लिए 70.69 करोड़ रुपये की रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी है। यह पैसा स्कूल की वर्दी और बैग खरीदने के लिए दिया गया है।
यह कार्यक्रम 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अच्छी शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और हर बच्चे के आगे बढ़ने के मौके सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके शब्दों में — हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा उनसे भी आगे बढ़े, और सरकार इसी सपने को पूरा करने के लिए काम कर रही है।
DBT के जरिए पैसा सीधे माता-पिता के बैंक खातों में पहुंचेगा — किसी बिचौलिए या लंबी प्रक्रिया के बिना। प्रति बच्चे यह रकम करीब 1,370 रुपये बैठती है। सरकार का कहना है कि सीधे खाते में रकम आने से परिवार अपनी जरूरत के हिसाब से बच्चों के लिए वर्दी और बैग खरीद सकेंगे, और खरीद में पारदर्शिता बनी रहेगी।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नगर निगम स्कूलों के लिए एक बड़ा आधुनिकीकरण पैकेज भी लॉन्च किया। इसमें 10 नई AI और रोबोटिक्स लैब, 1,500 प्रिंटर, स्कूलों में पढ़ाई को रोचक बनाने वाली 'साइंस ऑन व्हील्स' मोबाइल यूनिट और 60 क्रोमबुक शामिल हैं। यह MCD स्कूलों के लिए एक ही दिन में घोषित सबसे व्यापक शिक्षा पैकेजों में गिना जा रहा है।
पृष्ठभूमि में यह देखना दिलचस्प है कि वर्दी को लेकर दिल्ली में कानूनी प्रक्रिया भी चल चुकी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में ही सरकार की DBT नीति को बरकरार रखा था — यानी वर्दी कपड़े के रूप में बांटने की बजाय नकद रकम सीधे खाते में देने का फैसला अदालत की नजर में सही ठहरा था। अदालत ने तब सरकार से यह भी कहा था कि रकम समय पर पहुंचनी चाहिए।
हालांकि DBT व्यवस्था में एक चुनौती भी बनी हुई है — आधार से बैंक खाते का लिंक। दिल्ली शिक्षा विभाग ने हाल ही में स्कूलों को निर्देश दिया है कि सभी छात्रों के बैंक खाते आधार से जोड़े जाएं, ताकि DBT की रकम अटके नहीं। विभाग के मुताबिक, कई बच्चों की रकम सिर्फ इसलिए फंसी रह जाती है क्योंकि उनके बैंक विवरण सही या सत्यापित नहीं होते।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पहल सिर्फ पैसों की बात नहीं है। MCD स्कूलों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके लिए वर्दी और बैग का खर्च हर साल का बोझ होता है। ऐसे में 5 लाख बच्चों तक एक साथ पहुंचने वाली यह रकम उनके लिए असली राहत है, बशर्ते यह समय पर और हर पात्र बच्चे तक पहुंचे।
आगे की निगरानी इस बात पर होगी कि जिन बच्चों के खाते आधार से जुड़े नहीं हैं, उनकी रकम कितनी जल्दी क्लीयर होती है, और नए AI-रोबोटिक्स लैब्स का इस्तेमाल कक्षाओं में कितना प्रभावी होता है। फिर भी, एक ही दिन में 70.69 करोड़ रुपये का सीधा हस्तांतरण दिल्ली के स्कूली शिक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी घटना है — और लाखों परिवारों के लिए दिवाली से पहले की राहत।
- 14 अक्टूबर 2026 को सीएम रेखा गुप्ता ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत MCD स्कूलों के 5 लाख+ बच्चों के लिए 70.69 करोड़ रुपये DBT से भेजे
- रकम स्कूल वर्दी और बैग के लिए — सीधे माता-पिता के बैंक खातों में, प्रति बच्चा करीब 1,370 रुपये; कोई बिचौलिया नहीं
- साथ में बड़ा शिक्षा पैकेज: 10 AI-रोबोटिक्स लैब, 1,500 प्रिंटर, 'साइंस ऑन व्हील्स' मोबाइल यूनिट और 60 क्रोमबुक
- दिल्ली हाई कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में वर्दी के बदले नकद DBT नीति को सही ठहराया था — समय पर रकम पहुंचाने की शर्त के साथ
- शिक्षा विभाग का निर्देश — सभी छात्र खातों को आधार से जोड़ो ताकि DBT की रकम न अटके; गलत विवरण सबसे बड़ी अड़चन
- आर्थिक रूप से कमजोर 5 लाख परिवारों के लिए दिवाली से पहले राहत — लेकिन अंतिम लाभ रकम के समय पर पहुंचने पर निर्भर
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

