ग्वालियर: शीतला माता मंदिर के बाहर ट्रक श्रद्धालुओं पर चढ़ा, 14 की मौत

मध्य प्रदेश में मंदिर के पास सुबह राहत और बचाव कार्य का दृश्य

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के शारदीय नवरात्र के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास धान से लदे एक ट्रक के बेकाबू होकर श्रद्धालुओं पर चढ़ने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और करीब 28 लोग घायल हुए। हादसा तड़के करीब डेढ़ बजे हुआ, जब सप्तमी के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा थे।

ग्वालियर के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ट्रक चिनोर की ओर से आ रहा था और चिनोर रोड पर उतार के पास ड्राइवर का उस पर से नियंत्रण छूट गया। इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले से प्रतिबंधित थी और पुलिस का बैरिकेड भी लगा था। ट्रक बैरिकेड तोड़ता हुआ सड़क किनारे की दुकानों और श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया और फिर मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गेट का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए।

जिला प्रशासन के मुताबिक हादसे में मारे गए 14 लोगों में दो महिलाएं, 18 साल से कम उम्र के दो बच्चे और दस पुरुष शामिल हैं। करीब 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से पांच-छह की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 15 बताई गई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि 14 की हुई है।

पुलिस के मुताबिक दुर्घटनास्थल पर श्रद्धालु ग्वालियर और आसपास के जिलों से शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए आए थे। ट्रक के घुसने के बाद मची अफरा-तफरी में राहत और बचाव टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। ट्रक के कारण पांच से छह प्रसाद की दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुईं।

हादसे के कारणों को लेकर शुरुआती जांच में ट्रक में यांत्रिक खराबी की आशंका जताई गई है, जिसके चलते ड्राइवर वाहन को संभाल नहीं पाया। पुलिस के मुताबिक ट्रक के मालिक और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। प्रशासन ने यह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं कि भारी वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचा कैसे, जबकि वहां प्रवेश पर पाबंदी थी।

मंत्री राकेश शुक्ला ने ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जांच में जो भी जिम्मेदार मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष देखा गया। ट्रॉमा सेंटर के पोस्टमार्टम केंद्र के बाहर जमा परिजनों ने सवाल उठाया कि जहां पैदल चलने में भी दिक्कत होती है, वहां इतना बड़ा ट्रक पहुंचा कैसे। एक परिजन ने कहा कि उनकी चाची दर्शन के लिए मंदिर जा रही थीं, और अब वह जानना चाहते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

यह हादसा त्योहारों के समय मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के सवालों को फिर उठा गया है। नवरात्र में लाखों श्रद्धालु मंदिरों में जुटते हैं, और कई जगह भीड़भाड़ वाले रास्तों पर भारी वाहनों की रोक के बावजूद ऐसे हादसे हो जाते हैं। पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाशी और जांच तेज कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर आने-जाने के रास्तों का वैज्ञानिक मूल्यांकन, भारी वाहनों के लिए कड़े बैरिकेड और मौसम व भीड़ के हिसाब से समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन ने पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह और चूक की जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

मुख्य बातें:
  • रविवार तड़के करीब 1:30 बजे चिनोर रोड पर शीतला माता मंदिर के बाहर ट्रक श्रद्धालुओं पर चढ़ा।
  • मृतकों में 2 महिलाएं और 18 साल से कम उम्र के 2 बच्चे भी शामिल; 5-6 घायल गंभीर हालत में।
  • ट्रक बैरिकेड तोड़ता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया; गेट का एक हिस्सा ढह गया, कई लोग दबे।
  • प्रारंभिक जांच: ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण छूटा, यांत्रिक खराबी की आशंका; मालिक और ड्राइवर हिरासत में।
  • मध्य प्रदेश के मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर जाकर घायलों से मुलाकात की; मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए।
  • सबसे बड़ा सवाल: भारी वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसा कैसे? — सुरक्षा चूक की जांच के आदेश।

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।