PM-Kisan 21वीं किस्त: 9 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे ₹18,000 करोड़ — जानें आपकी किस्त आई या नहीं

गांव में खेत के पास किसान बड़े स्क्रीन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देख रहे हैं

देश के 9 करोड़ किसानों के लिए आज यानी 18 अक्टूबर 2026 की सुबह बड़ी खुशखबरी आई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 21वीं किस्त जारी कर दी गई है। इस बार कुल ₹18,000 करोड़ की राशि डिजिटल माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशभर के किसानों को संबोधित भी किया, जिसका सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्रों और संस्थानों में दिखाया गया।

इस बार का मुख्य कार्यक्रम कोयंबटूर में आयोजित हुआ, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के देशभर के संस्थानों ने बड़े स्क्रीन पर किसानों को दिखाया। भुवनेश्वर स्थित भारतीय जल प्रबंधन संस्थान में पिपिली के विधायक अश्रित पटनायक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 21वीं किस्त के रूप में ₹18,000 करोड़ आज देश के 9 करोड़ पात्र किसानों के खातों में भेजे गए हैं, और प्रधानमंत्री स्वयं किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हैदराबाद के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (NAARM) में आदिलाबाद विधानसभा क्षेत्र की विधायक पायल शंकर मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम में सिद्धापुर, अग्रहारम, पोटलापल्ली, गालिगुड़ा और मन्नेगुडेम जैसे गांवों के किसानों समेत 300 से अधिक लोग शामिल हुए। विधायक ने कहा कि खेती में आ रही नई चुनौतियों का समाधान आधुनिक तकनीक, मत्स्य पालन और पशुपालन के जरिए संभव है। कार्यक्रम से पहले किसान-वैज्ञानिक संवाद बैठक भी हुई, जिसमें कटक, खुर्दा और पुरी के 10 गांवों के 150 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया।

21वीं किस्त से पहले 20वीं किस्त वाराणसी से जारी की गई थी, जिसमें ₹20,500 करोड़ की राशि 9.7 करोड़ किसानों के खातों में पहुंची थी। उस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वाराणसी में ₹2,200 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया था। योजना शुरू होने के बाद से अब तक किसानों के खातों में कुल ₹3.75 लाख करोड़ से अधिक की राशि पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ किसानों को अकेले इस योजना से अब तक करीब ₹90,000 करोड़ मिल चुके हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी। इसके तहत खेती योग्य जमीन रखने वाले किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलती है, जो हर चार महीने में ₹2,000-₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। किसान परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल माने जाते हैं। सरकारी कर्मचारी (समूह-घ को छोड़कर), आयकर दाता, डॉक्टर-वकील-इंजीनियर जैसे पेशेवर, और पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक तथा महापौर इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े (Aadhaar-seeded) बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पहुंचती है, इसलिए बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होती। जिन किसानों की किस्त इस बार नहीं आई है, उन्हें pmkisan.gov.in पर 'बेनेफिशियरी स्टेटस' में अपना नाम जांचना चाहिए। अगर e-KYC अधूरी है या बैंक खाते में आधार सीडिंग नहीं हुई है, तो किस्त अटक सकती है। ऐसी स्थिति में नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर e-KYC और खाता विवरण तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए।

यह किस्त ऐसे समय में आई है जब देश के बड़े हिस्से में रबी सीजन की बुवाई का काम चल रहा है या शुरू होने वाला है। गेहूं, सरसों, चना और जौ की बुवाई के लिए बीज, खाद और सिंचाई पर होने वाले खर्च में इस ₹2,000 की रकम से छोटे और सीमांत किसानों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। तीन किस्तों का यह चक्र हर चार महीने में चलता है, यानी अगली किस्त नए साल की शुरुआत में आने की उम्मीद है। जिन किसानों का नाम लाभार्थी सूची में है, उन्हें सलाह है कि वे खाते में राशि आने की सूचना बैंक से जरूर प्राप्त करें।

मुख्य बातें:
  • 21वीं किस्त: कुल ₹18,000 करोड़ 9 करोड़ किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर
  • प्रधानमंत्री ने किसानों को संबोधित किया; ICAR के देशभर के संस्थानों में सीधा प्रसारण दिखाया गया
  • 20वीं किस्त में वाराणसी से ₹20,500 करोड़ 9.7 करोड़ किसानों को मिले थे
  • योजना में अब तक ₹3.75 लाख करोड़ किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं
  • हर साल ₹6,000 तीन बराबर किस्तों (₹2,000) में मिलते हैं; पैसा Aadhaar-सीडेड खाते में DBT से आता है
  • e-KYC अधूरी होने पर किस्त अटक सकती है — pmkisan.gov.in पर बेनेफिशियरी स्टेटस जरूर जांचें

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।