पंजाब के संगरूर में तेज रफ्तार कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचला: 8 की मौत, 12 घायल — CM ने किया 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान

पंजाब के संगरूर जिले में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई, जबकि बारह लोग घायल हो गए। यह हादसा लहरागगा-जाखल रोड पर अलीशेर गांव के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार सफेद सेडान कार ने सड़क किनारे काम कर रहे मजदूरों को कुचल दिया। खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई।
हादसे के समय करीब 23 मजदूर उस जगह काम कर रहे थे। ये सभी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा/वीबी-जी राम जी) के तहत सड़क पर काम में लगे थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तेज रफ्तार कार पहले सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल से टकराई, फिर अनियंत्रित होकर मजदूरों पर चढ़ गई। उस वक्त मजदूर काम के बीच पानी का ब्रेक ले रहे थे।
हादसा इतना भयावह था कि पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों को संगरूर के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से गंभीर घायलों को पटियाला के राजिंदर अस्पताल रेफर किया गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि टक्कर इतनी तेज थी कि शव कई मीटर दूर जाकर गिरे।
मारे गए सभी आठ मजदूर अलीशेर गांव के ही निवासी थे — करमजीत कौर, जीवन सिंह, निक्की, सरबजीत कौर, रंजीत बेगम, करमजीत, रानी कौर और देसराज। इनमें सात महिलाएं थीं। एक ही गांव के आठ परिवारों पर एक साथ टूटे इस कहर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मरने वाले मजदूर रोज की दिहाड़ी पर अपने परिवारों का पेट पालते थे।
हादसे की खबर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दुख जताया और कहा कि मनरेगा मजदूरों समेत आठ लोगों की जान जाना एक बड़ी त्रासदी है। उन्होंने ऐलान किया कि मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज का सारा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिम्मेदार ड्राइवर जल्द पकड़ा जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के मुताबिक कार चालक हादसे के बाद गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। संगरूर की डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया, जबकि पुलिस अधीक्षक पलविंदर चीमा ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने लहरागगा-जाखल रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंचने में करीब एक घंटा लगा, जिसके चलते कुछ घायलों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। मौके पर पहुंचे डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस हादसे ने मनरेगा मजदूरों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बचे हुए मजदूरों का कहना है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे — न चेतावनी बोर्ड थे, न रिफ्लेक्टर या बैरिकेड, और मजदूरों को सुरक्षा जैकेट तक नहीं दी गई थीं। जानकारों का कहना है कि व्यस्त सड़कों के किनारे काम करने वालों के लिए ऐसे सुरक्षा उपाय अनिवार्य होने चाहिए।
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि ये सबसे कम वेतन पाने वाले मजदूर थे, जो रोजी-रोटी के लिए कड़ी मेहनत करते थे। उन्होंने घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता, दोषियों को सख्त सजा और परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। अब सबकी नजरें फरार ड्राइवर की गिरफ्तारी और जांच के नतीजों पर हैं।
- संगरूर के लहरागगा-जाखल रोड पर 18 अक्टूबर को तेज रफ्तार कार ने सड़क पर काम कर रहे मजदूरों को कुचला
- हादसे में 8 मजदूरों की मौत हुई, जिनमें 7 महिलाएं शामिल हैं; 12 मजदूर घायल
- सभी मृतक अलीशेर गांव के निवासी थे और मनरेगा योजना के तहत काम कर रहे थे
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया, घायलों का इलाज सरकार कराएगी
- कार चालक गाड़ी छोड़कर फरार, पुलिस ने FIR दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की
- स्थानीय लोगों का आरोप — एम्बुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे लगा; अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की
यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।

