SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश, सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भवन का गुंबद और भारतीय तिरंगा

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को दिल्ली में CEC विरोध प्रदर्शनों से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया, ताकि तथ्यों की स्वतंत्र जांच हो सके।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से 10 अक्टूबर के प्रदर्शनों से पहले जारी S.163 BNSS आदेश को पेश करने को भी कहा। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि हलफनामों में जो 'माफी' मांगी गई थी, उसका संदर्भ मीडिया रिपोर्टों में बिना संदर्भ के दिखाया जा रहा है — उनका कहना था कि जब अवमानना का नोटिस जारी होता है तो कानून के मुताबिक कथित अवमाननाकर्ता को माफी मांगनी होती है।

IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के आरोपों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की वैधता को चुनौती देने वाली अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने संकेत दिया है कि वह इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगा।

इस बीच दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इंडिया गेट पर रातभर चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल संयुक्त याचिका पर कोर्ट में सुनवाई तय थी, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद पांच दिन की जेल हुई थी। गौरतलब है कि जंतर-मंतर ने 14 अक्टूबर को तीन दशक बाद अधिकृत प्रदर्शन स्थल का दर्जा खो दिया था। CJP ने दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि अगर अनुमति नहीं मिली तो 16 अक्टूबर को और प्रदर्शन किए जाएंगे।

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी शुरू से ही SIR के खिलाफ है और कानूनी व राजनीतिक दोनों स्तरों पर इसका विरोध जारी रखेगी। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट भी गई है और वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने तीव्र सार्वजनिक आलोचना और विपक्षी दलों के दबाव के बाद घोषणा की थी कि जिन मतदाताओं को पिछले SIR में 'अनमैप्ड' स्थिति या तार्किक विसंगति के नोटिस मिले थे, उन्हें ERO सुनवाई में शारीरिक रूप से उपस्थित होने से छूट दी जाएगी। कांग्रेस ने SIR को मतदाताओं की बड़े पैमाने पर कटौती बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है।

आगे क्या? कोर्ट की सुनवाई और उसके निर्देश इस विवाद की दिशा तय करेंगे। CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश बताता है कि कोर्ट प्रदर्शनों से जुड़े तथ्यों की खुद जांच करना चाहता है। 16 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी होंगी। यह मामला मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा है, इसलिए इसका नतीजा देशभर के करोड़ों मतदाताओं के लिए मायने रखेगा।

मुख्य बातें:
  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली CEC प्रदर्शनों के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए
  • 10 अक्टूबर से पहले जारी S.163 BNSS आदेश पेश करने को कहा
  • अवमानना याचिकाओं और CAPF वैधता पर सुनवाई जारी रहेगी
  • इंडिया गेट प्रदर्शन के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता और विपक्षी नेता हिरासत में
  • CJP की 16 अक्टूबर को और प्रदर्शन की चेतावनी, जंतर-मंतर का दर्जा छिना
  • ओवैसी बोले — AIMIM SIR के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी; EC ने कुछ नोटिसों पर दी छूट

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।