बिहार में गंगा में नाव पलटी: वैशाली में कम से कम 11 की मौत, ज्यादातर बच्चे — बचाव अभियान जारी

गंगा नदी में बचाव अभियान के दौरान रेस्क्यू बोट पर तैनात आपदा मोचन बल के कर्मी

मंगलवार (13 अक्टूबर) शाम बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास गंगा नदी में एक नाव पलट गई, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे और किशोर हैं। नाव में बैठे लोग किसी रिश्तेदार के यहां आयोजित भोज में शामिल होने के लिए नदी पार कर रहे थे, तभी नाव नदी के बीच में पलट गई।

जिला प्रशासन के मुताबिक हादसे के समय नाव में 25 से 30 लोग सवार थे। सूचना मिलते ही जिला पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। वैशाली की जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़कर 13 तक पहुंचने की सूचना है, जबकि कई लोगों को बचाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है। शुरुआत में लापता बताए जा रहे करीब 20 लोगों की तलाश भी जारी है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई और आसपास के गांवों से लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। कई बच्चों को ग्रामीणों ने ही पानी से बाहर निकाला और राघोपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद कई को मृत घोषित किया।

हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताते हुए 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। राज्य सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं।

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि डूबने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करने की अपील की।

बिहार की नदियों में नाव हादसे कोई नई बात नहीं है — हर साल बरसात और त्योहारों के सीजन में छोटी और ओवरलोड नावों में लोग यात्रा करते हैं, और लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा इंतजाम अक्सर नदारद रहते हैं। प्रशासन समय-समय पर सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी करता है, लेकिन दियारा क्षेत्रों में अनौपचारिक नौका यात्रा का चलन जारी है।

इस हादसे ने एक बार फिर नदी पार करने वाली छोटी नावों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। उम्मीद है कि प्रशासन हादसे के कारणों की जांच के साथ दियारा क्षेत्रों में नाव सुरक्षा के नियमों को सख्त करेगा, ताकि ऐसे दुखद हादसे दोबारा न हों।

फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा है। जैसे-जैसे खोज आगे बढ़ेगी, मृतकों और लापता लोगों की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि एक छोटी राहत जरूर है, लेकिन असली सवाल नाव सुरक्षा के नियमों पर ही टिका है।

मुख्य बातें:
  • 13 अक्टूबर शाम वैशाली के राघोपुर दियारा में गंगा में नाव पलटी — कम से कम 11 की मौत, जिला प्रशासन के मुताबिक संख्या 13 तक।
  • मृतकों में ज्यादातर बच्चे और किशोर; लोग किसी रिश्तेदार के भोज में शामिल होने जा रहे थे।
  • नाव में 25-30 लोग सवार थे; SDRF और जिला पुलिस का बचाव अभियान जारी।
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4-4 लाख और प्रधानमंत्री ने 2-2 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
  • तेजस्वी यादव ने राहत कार्यों में तेजी की अपील की; करीब 20 लापता लोगों की तलाश जारी।
  • दियारा क्षेत्रों में छोटी नावों की सुरक्षा पर फिर सवाल — प्रशासन से सख्त नियमों की मांग।

यह सारांश मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। स्थिति बदल सकती है; ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि करें।